नाक और कान में सरसों का गुनगुना तेल डालने के फायदे, नुकसान और जरूरी सावधानियां

नाक और कान शरीर के काफी संवेदनशील (sensitive) अंग हैं, जानकारी का अभाव होने पर इनमें किसी भी तेल या औषधि का प्रयोग नहीं करना चाहिए। अमूमन लोगों को यह असमंजस होता है कि नाक और कान की कोई समस्या होने पर चिकित्सक को दिखाएं या घरेलू नुस्खे अपनाएं। नाक और कान की समस्याएं वैसे तो किसी भी उम्र के व्यक्ति को हो सकती है, लेकिन बच्चों और बुजुर्गों में यह समस्याएं सबसे ज्यादा देखी जाती हैं। ऐसे में सरसों का गुनगुना तेल भी आपके लिए बेहद फायदेमंद साबित हो सकता है। सरसों का तेल किसी आयुर्वेदिक औषधि (ayurvedic medicine) से कम नहीं हैं, बड़े बुजुर्ग भी इसे इस्तेमाल करने की सलाह देते हैं। हालांकि सरसों के तेल की तासीर गर्म मानी जाती है, इसलिए बहुत गर्म मौसम में इसको नाक, कान में नहीं डालना चाहिए। लेकिन सामान्य गर्म मौसम या सर्दियों में इसका इस्तेमाल करने से नुकसान नहीं होता है। इस लेख के माध्यम से आज हम आपको इसके फायदे, नुकसान और सावधानियों से अवगत कराएंगे।

सरसों का तेल कान और नाक में डालने के फायदे

1. कान का मैल साफ करने में लाभदायक

आजकल कान की ठीक से सफाई नहीं करने से बहुत से लोगों के कान में मैल (earwax) जमा हो जाता है, जिसे खुद निकालना काफी कठिन और जोखिम भरा कार्य है। ऐसे में सरसों के तेल को थोड़ा गुनगुना कर कान में डालने से कान का मैल फूल जाता है, जिसके बाद उसे आसानी से निकाला जा सकता है। अगर आप रात में सोने से पहले कान में गुनगुने तेल की दो से तीन बूंदे डालते हैं और सुबह मैल निकालते हैं तो यह ज्यादा अच्छी तरह साफ होगा।

2. कान का दर्द करे दूर

कई बार बिना किसी वजह के कान में दर्द होने लगता है, ऐसा महसूस होता है कि कान के पर्दे हिलने लगे हों। कान में पानी चले जाने, चोट लगने या फिर कई बार मौसम में बदलाव आदि से भी ऐसे मामले सामने आते हैं। ऐसे में आप सरसों के तेल को हल्का गर्म कर एक से दो बूंदों को कान में डालें। इससे आपको दर्द में काफी राहत मिलेगी।

3. नाक बंद होने पर करें उपयोग

सर्दियों के मौसम में अमूमन लोग जुकाम से ग्रस्त रहते हैं। जुकाम ज्यादा होने के कारण कई बार सांस लेने में भी तकलीफ और नाक जाम हो जाती है। सरसों का गुनगुना तेल ऐसे समय में आपके लिए रामबाण है। जुकाम होने पर आप इसकी तीन से चार बूंदो का प्रयोग कर सकते हैं। इससे निश्चित तौर पर आपको सांस लेने में आराम मिलेगा। जुकाम की वजह से कई लोगों की नाक भी लाल हो जाती है, इस स्थिति में भी सरसों का गुनगुना तेल आपकी मदद कर सकता है।

ये हैं कान में सरसों का गुनगुना तेल डालने के नुकसान

1. परमानेंट हियरिंग डिसेबिलिटी

कान में लगातार किसी भी प्रकार का तेल डालने से आप अपनी सुनने  (Hearing loss) तक की क्षमता को गवां सकते हैं या फिर लंबे समय के लिए कान की समस्या के शिकार हो सकते हैं। इसलिए कान में तेल के सेवन के फायदे और नुकसान से पूरी तरह अवगत होने के बाद ही तेल का इस्तेमाल समुचित मात्रा में करें।

2. बढ़ सकती है कान की गंदगी

कान साफ करते समय इस बात का खास ख्याल रखना चाहिए कि कहीं आपके तेल में गंदगी तो नहीं है। आपके सरसों के तेल में यदि पहले से ही किसी प्रकार के गंदे तरल पदार्थ मौजूद हैं तो ऐसे तेल का सेवन आपके कानों में ईयरवैक्स की मात्रा को और बढ़ा सकता है, जिससे कानों खुजली समेत कई अन्य समस्याएं भी उत्पन्न हो सकती हैं।

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